भूल मत जाना कहींवरना फिर कयामत है,आज़ादी सुरक्षित रखो।बापू की अमानत है। भूल मत जाना कहींवरना फिर कयामत है,आज़ादी सुरक्षित रखो।बापू की अमानत है।
अगर हमे अपना धर्म चुनने का भी अधिकार होता... अगर हमे अपना धर्म चुनने का भी अधिकार होता...
दुश्वार हो गया...। दुश्वार हो गया...।
कमल तेरी फिज़ूल कलम से...। कमल तेरी फिज़ूल कलम से...।
एक अधूरी उड़ान...। एक अधूरी उड़ान...।
ज़माना ! ज़माना !